उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। हादसे में घायल श्रद्धालुओं का हाल जानने के लिए वह अस्पताल पहुंचे। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया। चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम अचानक अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बारिश के दौरान पंडाल के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ में अचानक हलचल बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अस्पताल पहुंचे। उनके साथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी थे। अधिकारियों के मुताबिक, शाह ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से भी उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी ली। हादसे की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री ने अपने पहले से निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला किया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से फोन पर बात की थी। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। गृह मंत्री ने कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रहा है। अमित शाह का रविवार को पश्चिम बंगाल में कई दुर्गा पूजा पंडालों के दौरे का कार्यक्रम निर्धारित था। उन्हें बेलूर मठ जाने के साथ ही हावड़ा के बाली स्थित देशबंधु क्लब, उत्तर कोलकाता के शोभाबाजार राजबाड़ी और लेक टाउन के श्रीभूमि दुर्गा पूजा पंडाल का दौरा करना था। हालांकि, चोरबागान हादसे के बाद उन्होंने इन सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया और अपना समय घायलों से मिलने के लिए रखा। चोरबागान भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिया है। शुरुआती जानकारी में भीड़ के दबाव, बारिश और पंडाल में प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में आयोजकों और निजी सुरक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया था। घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। चोरबागान की इस दर्दनाक घटना ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल घायलों के उपचार और हादसे की जांच पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है।

By UJAGAR

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