पहले भी कई शिकायतें मिली हैं कि कैदी सुधार गृह के अंदर से फोन पर लोगों को धमका रहे हैं। इस बार राज्य सरकार ने इन मामलों पर सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी ने कहा कि CID इसकी जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राज्य में सुधार गृहों की खराब हालत के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुवार शाम को कोलकाता पुलिस, जेल विभाग और फायर डिपार्टमेंट की एक जॉइंट टीम ने चीफ सेक्रेटरी और होम सेक्रेटरी की सीधी निगरानी में प्रेसिडेंसी जेल में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। DG (जेल) रमेश बाबू के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक चले इस ऑपरेशन में जेल के अंदर से कुल 23 मोबाइल फोन बरामद किए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस घटना में लापरवाही के लिए प्रेसिडेंसी जेल के सुपरिटेंडेंट एन कुजूर और चीफ कंट्रोलर दीप्ता घोराई को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फोन जेल में कैसे पहुंचे, इसका पता लगाने के लिए जांच CID को सौंप दी गई है। संदेशखली मामले का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शेख शाहजहां जैसे कुख्यात अपराधी जेल में रहते हुए भी अपना नेटवर्क चला रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार ऐसे कैदियों को जनरल सेल से अलग आइसोलेशन सेल में शिफ्ट करने का प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही शिकायतें सिर्फ प्रेसिडेंसी जेल से ही नहीं, बल्कि दमदम और बरहामपुर सेंट्रल जेल से भी आ रही हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवार दोपहर से राज्य के हर सुधार गृह में मोबाइल फोन या किसी भी दूसरी प्रतिबंधित चीज के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई बाहर से किसी कैदी को जेल के अंदर फोन करता है, तो उस व्यक्ति को भी आरोपी माना जाएगा। नतीजतन, ऐसे लोग भी जांच के दायरे में आएंगे। अब देखते हैं कि इस बारे में CID जांच से और क्या जानकारी सामने आती है। गौरतलब है कि जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल कोई नया मामला नहीं है। इस बारे में पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं। जेल के अंदर से कई तरह के आपराधिक कामों की साजिश रचने के आरोप लगते रहे हैं। आरोप लगे हैं कि इसमें जेल अधिकारी भी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की पहली BJP सरकार इस मामले को खत्म करना चाहती है, कम से कम आज मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान से तो यही साफ हो गया।
