बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी नुकसान की खबर है। जानकारी के मुताबिक, दोनों राज्यों में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं और पुलों तथा सड़कों को नुकसान पहुंचा है। तूफान का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार रात से कई इलाकों में बारिश होने की जानकारी सामने आई है। अगले दो दिनों तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं, तूफान के प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 और ओडिशा के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखने की बात कही गई है। ओडिशा में करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। चक्रवात ‘अर्नब’ के तटीय इलाकों में पहुंचने के बाद तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हुए हैं, जबकि पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचने की खबर है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पांच लोगों की मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक, चक्रवात मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और भारी बारिश होने की बात कही गई है।तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और सड़क परिवहन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया। चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जानकारी दी गई है। करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है।इसके अलावा, राज्य के 16 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रखने की बात कही गई है। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को खराब मौसम के संभावित खतरे से बचाना है। तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में गुरुवार को स्कूल बंद रहने की जानकारी सामने आई है। राज्य में बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। चक्रवात से जुड़े मौसम परिवर्तन का असर मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में पड़ने का अनुमान है। उपलब्ध जानकारी में कुल 15 राज्यों में बारिश की संभावना बताई गई है।बारिश और बादलों के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम की स्थिति जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। चक्रवात के प्रभाव से कई इलाकों में अगले दो दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा अधिक गंभीर हो सकता है, जबकि अन्य राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है।
