फिलीपींस में सोमवार, 8 जून की सुबह धरती अचानक जोर से कांप उठी जब 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. देश के दक्षिणी हिस्से में आए भूकंप के कारण कुछ ही सेकंड में इमारतें हिलने लगीं, दीवारें दरक गईं और कई जगह पूरी बिल्डिंगें ढह गईं. इसमें एक स्कूल भी शामिल था. भूकंप की तबाही का मंजर बड़ा खौफनाक था. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई है. यह भूकंप इतना ताकतवर था कि आसपास के देशों में भी सुनामी का अलर्ट जारी करना पड़ा और पूरे इलाके में दहशत फैल गई. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार सोमवार को फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से मिंडानाओ क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद देश में और पड़ोसी देश इंडोनेशिया तथा जापान में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. एपी की रिपोर्ट के अनुसार फिलीपींस में 3 फीट तक की सुनाई की लहरें आई. वहीं इंडोनेशिया में कम से कम नौ स्थानों पर छोटी सुनामी लहरें दर्ज कीं, जिनमें से सबसे ऊंची लहरें सांगिहे द्वीप में 0.75 मीटर की दर्ज की गईं. बाद में इ़ंडोनेशिया ने चेतावनी हटा ली. जनरल सैंटोस शहर से आईं तस्वीरों और वीडियो में दुकानों और इमारतों को भूकंप के बाद ताश के पत्तों की तरह ढहते देखा गया. खास बात थी कि यह तेज भूकंप उसी दिन आया जब यहां के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक वर्ष (एकैडेमिक ईयर) शुरू हो रहा था. भूकंप के कारण मिंडानाओ के एक स्कूल की इमारत भी ढह गई. अच्छी बात थी कि भूकंप के दौरान छात्रों को कोई नुकसान नहीं हुआ. स्कूल को पहले ही खाली कर दिया गया था. सोशल मीडिया पर दो वीडियो सामने आए. एक में डर से कांपते प्राइमरी स्कूल के दर्जनों बच्चे दिखे, जो खुले मैदान में जमीन पर बैठे थे, जबकि उनके नीचे जमीन जोर से हिल रही थी. वहीं अन्य वीडियो में दिखा कि दावाओ डेल सुर में एक हाई स्कूल की छत उसी समय गिर गई, जब बच्चे स्कूल के खेल मैदान में लाइन में खड़े थे. अच्छी बात यह है कि दोनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली. फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने, लोगों को सुरक्षित निकालने और बचाव कार्य शुरू करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा, “हमारे प्रभावित प्रांतों के लोगों से निवेदन है कि सुनामी चेतावनी को गंभीरता से लें. अभी ऊंची जगह पर चले जाएं. इंतजार न करें. आपकी जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.” सरंगानी प्रांत से नुकसान की ज्यादातर तस्वीरें सामने आई हैं. वहां लगभग 5 लाख 80 हजार लोग रहते हैं. रॉयटर्स ने बताया कि भूकंप के तुरंत बाद यहां के पुलिस भवन में भी दरारें आ गईं. यह झटका उस समय आया जब वहां झंडा फहराया जा रहा था.

By UJAGAR

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