बिहार के हाजीपुर में रविवार की रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। सदर थाना क्षेत्र के मरमला चौर में हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसकी तलाश वैशाली से लेकर समस्तीपुर तक की पुलिस कर रही थी। इस कार्रवाई में वैशाली जिला पुलिस के साथ एसटीएफ की टीम भी शामिल थी। हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित मरमला चौर में रविवार की रात अचानक गोलियों की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया। दरअसल, वैशाली जिला पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम एक वांछित अपराधी की तलाश में इलाके में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना आरोपी से हो गया। बताया जा रहा है कि खुद को पुलिस से घिरा देखकर अपराधी ने फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिसकर्मियों ने भी मोर्चा संभाल लिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली अपराधी के दाहिने पैर में लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही अपने कब्जे में ले लिया। घायल अवस्था में उसे तत्काल हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए अपराधी की पहचान राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। वह हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राय का पुत्र बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छोटू का आपराधिक नेटवर्क वैशाली और समस्तीपुर जिलों तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट समेत करीब 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों को लेकर दोनों जिलों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। कई आपराधिक घटनाओं में नाम सामने आने के बाद वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस एक अहम सफलता मान रही है। राज नंदन कुमार उर्फ छोटू का नाम समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड में भी सामने आया था। इस मामले में उसे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में न्यायालय में पेशी के लिए ले जाने के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर समस्तीपुर कोर्ट परिसर से फरार हो गया था। उसके फरार होने के बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। वैशाली पुलिस और एसटीएफ की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। फरारी के बाद से वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। आखिरकार रविवार की रात पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिली और संयुक्त टीम ने उसे घेरने की योजना बनाई। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस ने एक हथियार भी बरामद किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटू रविवार की रात अपने गांव के पास मरमला चौर इलाके में छिपा हुआ है। बताया गया कि वह वहां किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई की रणनीति तैयार की। सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ और सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पूरे चौर इलाके की घेराबंदी कर दी गई, ताकि आरोपी को भागने का कोई मौका न मिले। पुलिस की टीम जैसे ही उसके करीब पहुंची, उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही वैशाली के एसएसपी शुभांक मिश्रा और सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर पूरी कार्रवाई की जानकारी ली। वहीं, घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से विभिन्न सबूत एकत्रित किए हैं, जिनकी जांच की जाएगी। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद होने की भी जानकारी दी है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास मौजूद हथियार का इस्तेमाल किन आपराधिक घटनाओं में हुआ था। साथ ही उसके फरार रहने के दौरान मदद करने वाले लोगों और संभावित साथियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *