भारतीय नौसेना ने अरब सागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ (Azini) को सुरक्षित मुक्त करा लिया है। करीब 48 घंटे से अधिक समय तक चले इस विशेष अभियान में जहाज पर सवार सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल ऑपरेशन के लिए भारतीय नौसेना को बधाई दी है। यह अभियान मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में चलाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमाली समुद्री लुटेरों ने 29 अक्टूबर को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट पर बंदर बायला और हाफुन के बीच जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद भारतीय नौसेना ने जहाज की तलाश और निगरानी शुरू की। इस अभियान में भारतीय नौसेना के युद्धपोत और समुद्री निगरानी विमान के साथ भारतीय वायुसेना के C-17 विमान की मदद ली गई। मरीन कमांडो को भी ऑपरेशन में शामिल किया गया। नौसेना ने जहाज की स्थिति का पता लगाने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और समुद्री लुटेरों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए क्रू और जहाज को सुरक्षित मुक्त कराया। नौसेना के मुताबिक, समुद्री लुटेरों के कब्जे में जाने के बाद इस जहाज का इस्तेमाल दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए ‘मदर शिप’ के रूप में किया जा सकता था। ऐसे जहाज समुद्र में दूर तक जाकर समुद्री लुटेरों को बड़े व्यावसायिक जहाजों तक पहुंचने और उन पर हमला करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए Azini को मुक्त कराना केवल उसके क्रू की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण था। इस पूरे अभियान में जहाज पर मौजूद सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, ऑपरेशन में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2 नवंबर को अभियान की सफलता की जानकारी देते हुए नौसेना के समन्वय, तत्परता और साहस की सराहना की। इस कार्रवाई को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भारत अदन की खाड़ी में 2008 से समुद्री लुटेरों के खिलाफ गश्त करता रहा है। भारतीय नौसेना ने इस अभियान के जरिए समुद्र में फंसे लोगों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *