जम्मू संभाग के डोडा में भूस्खलन के बाद राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। किश्तवाड़ और डोडा जिले में रविवार रात बादल फटने से कीचड़ और पत्थरों का सैलाब आ गया, जिसकी चपेट में निर्माणाधीन क्वार जल विद्युत परियोजना के पास खड़े वाहन और अन्य निर्माण उपकरण दब गए। मंगलवार को भी इसका असर दिखा।, नेशनल हाईवे 244 फिलहाल बंद है। राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। भारी बारिश से निर्माण सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि उस समय परियोजना में कोई मौजूद नहीं था। डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग को नुकसान पहुंचा है। कीचड़, चट्टानें और मलबा जमा होने से हाईवे बंद कर दिया गया है। घटना के बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क की सफाई और मरम्मत का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। सोमवार दिनभर मौसम साफ रहा। जिले के किसी अन्य क्षेत्र से ऐसी घटना की सूचना नहीं मिली। संबंधित अधिकारियों के अनुसार डोडा जिले के प्रेम नगर के ऊपरी इलाके में भी बादल फटने से भारी नुकसान पहुंचा है। बाजार में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बड़े संख्या में वाहन मलबे में दबे हैं। बाजार में सटे नाले में अधिक पानी और मलबा आने से निचले इलाके के कुछ मकानों और मंदिर को नुकसान पहुंचा है। किश्तवाड़ में निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के टनल क्षेत्र के निकट बादल फटने से परियोजना क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कीचड़ और चट्टानें आ गई हैं, जिसमें कई ट्रक, डोजर और अन्य निर्माण उपकरण दब गए हैं। फँसे वाहन निकालने और प्रभावित स्थल से मलबा हटाने का अभियान चल रहा है। यात्रियों को हाईवे से बचने और आधिकारिक यातायात सलाहों का पालन करने की सलाह दी है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। रियासी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों से बाढ़ आने की घटनाओं की खबर मिली है। चिनैनी के बप्प गांव के निकट बारिश के कारण मानतलाई-लाटी सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। इससे मार्ग बंद हो गया।

By UJAGAR

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