पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी स्थित नान्दनिक क्लब की दुर्गापूजा इस बार स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को लेकर चर्चा में है। क्लब के पूजा मंडप को देश की आजादी के संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की थीम पर सजाया गया है। महाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी यहां पहुंचे और मां दुर्गा के चरणों में अंजलि अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर का भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से गहरा संबंध रहा है। इसी ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के लिए नान्दनिक क्लब ने इस वर्ष अपने पूजा मंडप को स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न अध्यायों के आधार पर तैयार किया है। मंडप की सजावट के माध्यम से देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष, बलिदान और देशभक्ति की भावना को दर्शाने का प्रयास किया गया। पूजा मंडप में मातंगिनी हाजरा, शहीद खुदीराम बोस और भगत सिंह समेत कई वीर स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। इस थीम के जरिए क्लब ने नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने और आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का इस पूजा से विशेष जुड़ाव है। वह नान्दनिक क्लब के अध्यक्ष भी हैं और लंबे समय से क्लब से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से महाष्टमी के दिन उनका पूजा मंडप पहुंचना खास रहा। उन्होंने मां दुर्गा के चरणों में अंजलि अर्पित की और पूजा के धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इस बार मुख्यमंत्री के पूजा मंडप पहुंचने का एक खास पहलू भी सामने आया। सुवेंदु अधिकारी अपने काफिले के बिना निजी कार से नान्दनिक क्लब पहुंचे। यहां उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित मंडप और मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस पूजा को विशेष आकर्षण का केंद्र बना दिया।
