केरल में संक्रामक बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। राज्य में शिगेला संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं निपाह वायरस को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए विशेष रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। राज्य में वायरल और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेषज्ञ समिति भी गठित की गई है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने जानकारी दी कि जून महीने में अब तक शिगेला संक्रमण के 70 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है। संक्रमण के कारण अब तक पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलता है तथा गंभीर दस्त, पेट दर्द और बुखार का कारण बन सकता है। बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। केरल में निपाह वायरस को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। हाल ही में कोझिकोड के एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई थी। मरीज को एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक लैब में भेजे गए 38 से अधिक नमूनों की जांच की गई, जिनमें केवल एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया है। संक्रमित मरीज फिलहाल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन है। राज्य सरकार ने वायरल और अमीबिक बीमारियों की रोकथाम के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सलाहकार डॉ. एस.एस. लाल कर रहे हैं। समिति हर सप्ताह बैठक कर संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेगी और स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी बीमारियों को स्थायी रूप से रोकने के उपायों पर भी शोध किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा जताया कि इस वर्ष सरकार निपाह वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। राज्य के अस्पतालों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, उबला या स्वच्छ पानी पीने और किसी भी तरह के बुखार, दस्त या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

By UJAGAR

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