पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद कोलकाता नगर निगम (KMC) के पार्षदों और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ पुलिस का कड़ा एक्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ी में अब एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। पुलिस ने कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर परिषद सदस्य (MMIC) और वार्ड संख्या 56 के मौजूदा पार्षद स्वपन समाद्दार (Swapan Samaddar) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और महिला से छेड़छाड़ जैसी बेहद गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बुधवार को कोलकाता पुलिस ने फुलबागान इलाके में घेराबंदी कर स्वपन समाद्दार को धर दबोचा। आपको बता दें कि स्वपन समाद्दार बेलेघाटा आईडी अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं और इलाके के रसूखदार नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी इस गिरफ्तारी के साथ ही कोलकाता नगर निगम के अब तक कुल 10 पार्षदों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। 2022 के मामले में मंगलवार को दर्ज हुई FIR. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वपन समाद्दार के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई नारकेलडांगा थाने में दर्ज एक मामले के आधार पर की गई है। यह मामला साल 2022 का है, जिसकी लिखित शिकायत एक पीड़ित महिला ने मंगलवार को थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। स्वपन समाद्दार पर मुख्य रूप से ये आरोप लगे हैं:

हत्या का प्रयास (Attempt to Murder)

महिला की श্লীলता भंग करना/छेड़छाड़ (Molestation)

गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाना (Wrongful Confinement)

काम में बाधा डालना, जानबूझकर चोट पहुँचाना, संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, चोरी और आपराधिक धमकी देना।

स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ता के मुताबिक, साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में जो चुनावी हिंसा (Post-Poll Violence) भड़की थी, स्वपन समाद्दार उसमें सीधे तौर पर शामिल थे। चूंकि उस समय राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, इसलिए इलाके में उनका भारी खौफ और दपटक था। इस डर के कारण पीड़ित महिला उस समय थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी। लेकिन अब राज्य में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी है और पुलिस लगातार भ्रष्ट और दबंग पार्षदों को गिरफ्तार कर रही है, जिससे हौसला पाकर पीड़ित महिला ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पिछले कुछ दिनों के भीतर ही कोलकाता नगर निगम के कई दिग्गज पार्षदों को पुलिस अलग-अलग संगीन मामलों में जेल भेज चुकी है. बाप्पाादित्य दासगुप्ता पाटुली इलाके से शनिवार रात को जबरन वसूली (तोलाबाजी) के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद जसीमउद्दीन: जोरासांको के इस टीएमसी पार्षद को रविवार सुबह पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया। इन पर एक नाबालिग लड़की के उत्पीड़न का आरोप है और इनके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सुस्मिता भट्टाचार्य: वार्ड संख्या 63 की पार्षद सुस्मिता भट्टाचार्य और उनके पति को मंगलवार को ही पुलिस ने जबरन वसूली (तोलाबाजी) के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। स्वपन समाद्दार बुधवार को फुलबागान इलाके से गिरफ्तार हुए और केएमसी के 10वें पार्षद बने। कोलकाता नगर निगम में एक के बाद एक हो रही इन बड़ी गिरफ्तारियों से पूर्व सत्ताधारी दल टीएमसी के खेमे में हड़कंप मच गया है, वहीं विपक्षी खेमे का कहना है कि कानून अब अपना काम बिना किसी राजनीतिक दबाव के कर रहा है।

By UJAGAR

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