शिवालिक के बाद, एक और LPG टैंकर, नंदा देवी, मंगलवार को भारत पहुंचा, जिसमें 47,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) थी। यह जहाज़ युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट को पार करके गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर पहुंचा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट के बीच यह होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाला दूसरा जहाज़ है।
एक दिन पहले, दूसरा LPG टैंकर, शिवालिक, जिसे भी संघर्ष वाले होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने की इजाज़त दी गई थी, 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। इसमें भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले लगभग 32.4 लाख स्टैंडर्ड 14.2-kg घरेलू सिलेंडर के बराबर LPG थी। अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि अकेले यह जहाज़ भारत की कुल LPG इंपोर्ट ज़रूरत का लगभग एक दिन पूरा कर सकता है।
कामयाब ‘नेविगेशन’ और नेवल सिक्योरिटी
पिछले महीने शुरू हुए US-इजरायल जंग के बाद, ईरान ने स्ट्रेटेजिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। यह ‘मैरीटाइम चोक पॉइंट’ या समुद्री बैरियर कमर्शियल जहाजों के लिए पार करना लगभग नामुमकिन हो गया था। नंदा देवी के चीफ ऑफिसर ने कहा कि भारत और ईरान दोनों की नेवी ने जहाज को सुरक्षित पार कराने में ज़रूरी मदद की।
दो दिन में दोहरी कामयाबी
भारत अभी अपनी घरेलू LPG ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तेज़ी से कदम उठा रहा है।
सोमवार: 40,000 मीट्रिक टन गैस ले जा रहा जहाज ‘शिवालिक’ मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।
मंगलवार: 46,000 मीट्रिक टन वज़न ले जा रहा जहाज़ ‘नंदा देवी’ गुजरात में लंगर डाले हुए है।
मंत्रालय की खास पहल
जब देश के अलग-अलग हिस्से गैस संकट से जूझ रहे हैं, छोटे व्यापारियों की आँखों और चेहरों पर अनिश्चितता की छाया है, ऐसे में इन दो जहाज़ों का देश वापस आना राहत की रोशनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि शिवालिक और नंदा देवी के लिए ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत के ज़रिए रियायतें मिली थीं। ऐसे समय में जब युद्ध के असर की वजह से ग्लोबल मार्केट में एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं, दुनिया भारत की इस स्ट्रेटेजिक कामयाबी को बहुत अहम मान रही है।
