महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है, जबकि नदियों और बांधों का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन हाई अलर्ट पर है। कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं, वहीं लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। आईएमडी के मुंबई केंद्र ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए तीन घंटे का येलो नाउकास्ट अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए नंदुरबार जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। जिलाधिकारी डॉ. मित्ताली सेठी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लगातार बारिश के चलते गडचिरोली जिले के सबसे बड़े मेड्डीगट्टा लक्ष्मी बांध से लगभग 9.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए बांध के सभी 85 गेट खोल दिए गए हैं। प्राणहिता और गोदावरी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इस मानसून में पुणे जिले में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। 31 जुलाई तक जिले में सामान्य से 179.9 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। जहां सामान्य बारिश 309.3 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 556.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मावल तालुका में सबसे अधिक 1680.3 मिमी वर्षा हुई, जबकि खेड तालुका में सामान्य से लगभग 390.9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। उजनी बांध से 80 हजार क्यूसेक और वीर बांध से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद भीमा और चंद्रभागा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पंढरपुर में पुंडलिक मंदिर सहित कई मंदिर पानी से घिर गए हैं। भीमा नदी पर बने आठ कोल्हापुरी बंधारे भी डूब गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सभी घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक लगा दी है। जालना जिले में पिछले दो दिनों की बारिश से किसानों को राहत मिली है और अधिकांश नदियां-नाले फिर से बहने लगे हैं। हालांकि लगातार बारिश के कारण तीन मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना मिली है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 83 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि भोकरदन तालुका में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

By UJAGAR

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