पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब वे चौतरफा कानूनी शिकंजे में घिरती नजर आ रही हैं। हाल ही में बांग्लादेश के उस्मान हादी हत्याकांड को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद अब उनके खिलाफ धार्मिक उकसावा और भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एक नया मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद से राज्य की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। यह पूरा मामला विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी द्वारा एक जनसभा के मंच से दिए गए बयान से जुड़ा है। उस समय मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए दिए गए उनके इस बयान की चौतरफा निंदा हुई थी और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना माना गया था। ममता बनर्जी ने मंच से खुलेआम कहा था:”हम हैं, इसलिए आप सब सुरक्षित और अच्छे से हैं। अगर हम नहीं रहे, तो सिर्फ एक सेकंड लगेगा! जब एक कम्युनिटी एकजुट होती है और चारों तरफ से घेर लेती है, तो एक सेकंड में एकदम 12 बजा देगी। अगर आप खुद का 13 नहीं बजवाना चाहते हैं, तो बीजेपी के दुष्प्रचार के झांसे में मत आइए।” उनके इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने उन पर एक खास समुदाय को डराने और धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करने का गंभीर आरोप लगाया था। लंबे समय से चल रहे इस विवाद के बीच कोलकाता के एक स्थानीय व्यवसायी ने अब औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। हेयर स्ट्रीट पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, ये धाराएं विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और शांति भंग करने के इरादे से दिए गए बयानों से संबंधित हैं। यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में ममता बनर्जी कानूनी संकट में फंसी हों। इससे पहले कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर आयोजित एक जनसभा से उन्होंने बिना नाम लिए बांग्लादेश के उस्मान हादी की हत्या को लेकर एक बेहद विवादित टिप्पणी की थी। उस बयान को लेकर भी बंगाल की राजनीति में भारी बवाल मचा था, जिसके बाद सिलीगुड़ी सहित राज्य के कई अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई थीं। एक तरफ जहां विधानसभा और संसद में उनकी पार्टी के भीतर भारी बगावत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ बैक-टू-बैक दर्ज हो रहे इन मुकदमों ने पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक और कानूनी राह को बेहद कठिन बना दिया है।

By UJAGAR

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