महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मृतकों की संख्या 18 हो गई है और पुलिस ने भी अब 7 लोगों की मौत जहरीली शराब की वजह से होना स्वीकार कर लिया है, क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इनकी पुष्टि हो चुकी है. वहीं, बाकी की रिपोर्ट आना बाकी है. लेकिन इससे अब पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पुलिस अभी तक इन मौतों को प्राकृतिक बता रही थी. सिर्फ पिंपरी-चिंचवड़ में 13 लोगों की जान जा चुकी है. इस मामले में पुलिस ने भी अब गैर-इरादतन हत्या, जानलेवा शराब बेचने की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है और 8 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस का कहना है कि शराब में जानलेवा मिथेनॉल मिलाया गया था. पुलिस ने 8 पीड़ित परिवारों के भी बयान लिए हैं, जिनके बयानों को जांच का मुख्य आधार बनाया जाएगा. जहरीली शराब कांड के आरोपी योगेश वानखेड़े के पुणे के दापोडी थाने मामला दर्ज किया गया है, जिस पर अवैध और जहरीली शराब सप्लाई करने का आरोप है. राज्य आबकारी विभाग के पुलिस अधीक्षक अतुल कानडे ने बताया कि आरोपी योगेश वानखेड़े ने शराब में जहरीला केमिकल मिथेनॉल मिलाया था, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई. आरोपी योगेश वानखेड़े ही पुणे के हडपसर और पिंपरी-चिंचवड़ शहर के फुगेवाडी इलाके में इस जहरीली शराब को बांटने का काम मुख्य रूप से कर रहा था. जहरीली शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है.
