पोस्टग्रेजुएशन मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (NEET PG) की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट स्टूडेंट्स के हितों को ध्यान में रखते हुए एग्जाम से ठीक पहले कई बड़े बदलाव किए हैं। जिनमें एक बड़ा बदलाव, NEET-PG के उम्मीदवार को इस साल अपनी पसंद के तीन परीक्षा केंद्र चुनने का मौका देना है। इसके अलावा उम्मीदवारों को नीट एग्जाम से तीन सप्ताह पहले पता चल जाएगा कि उनका एग्जाम सेंटर कहां होगा। नीट पीजी एग्जाम 30 अगस्त 2026 को होने वाला है। इस बार कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक है। परीक्षा कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित की जाएगी। इसमें परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और जांच, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर लगाना, लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों द्वारा रियल-टाइम निगरानी शामिल है। सबसे बड़े बदलावों में से एक नया एग्जाम सेंटर अलॉटमेंट सिस्टम लागू करना है। पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ वाला मॉडल था, लेकिन अब उम्मीदवार अपने परीक्षा केंद्र के लिए तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करेंगे, जिसमें उनके पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता के तौर पर चुनना अनिवार्य होगा। पहले, जो उम्मीदवार देर से रजिस्ट्रेशन कराते थे, उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूर के राज्यों में जाना पड़ता था। उम्मीदवारों को 30 अगस्त की परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले अपने आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। अब तक, उम्मीदवारों को अक्सर परीक्षा से कुछ दिन पहले ही शहर और केंद्र की जानकारी मिलती थी, जिससे लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियां और अतिरिक्त खर्च होता था। नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है, जिसके तहत 210 मिनट में 180 बहु-विकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के जवाब देने होंगे। पहले, परीक्षा में 200 प्रश्न होते थे जिनके लिए अधिकतम 800 अंक निर्धारित थे। हालांकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन संशोधित प्रारूप उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए अधिक समय देता है। अलद-अलग वजहों से कई बार परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी, लेकिन NEET-PG 2026 एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने से प्रश्नों के कठिनाई स्तर में अधिक समानता सुनिश्चित होगी और उम्मीदवारों का मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष तरीके से हो सकेगा। आधार ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक्स, एन्क्रिप्शन सरकार ने परीक्षा के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया है। आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा के दिन, दोनों ही समय आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है। अगर फिंगरप्रिंट से पहचान नहीं हो पाती है, तो आइरिस-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (उम्मीदवारों के आंखों से वेरिफिकेशन) का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि नीट एग्जाम के क्वेश्चन पेपर तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाया गया है। इसके लिए कई स्तरों पर एन्क्रिप्शन, सुरक्षित ऑफलाइन तैयारी, परीक्षा से ठीक पहले तय समय में प्रश्न-पत्रों को अंतिम रूप देना और परीक्षा शुरू होने के तय समय पर ही नियंत्रित डिजिटल डिक्रिप्शन जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रश्न पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों के एन्क्रिप्शन के जरिए और अधिक सुरक्षित बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, किसी के भी द्वारा प्रश्न पत्र तक पहले से पहुंच होने का कोई भी दावा पूरी तरह से गलत है और इसका मकसद उम्मीदवारों को गुमराह करना है।’ NBEMS ने किसी और के बदले परीक्षा देने, जालसाल और दूसरी अनुचित गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए एक खास ईमेल एड्रेस भी शुरू किया है। साथ ही, उम्मीदवारों में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने के लिए लगातार एडवाइजरी भी जारी की जा रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की और सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके से आयोजित की जाए। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे NEET-PG से जुड़ी अफवाहों या धोखाधड़ी वाले दावों पर ध्यान न दें। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। NBEMS, टेक्नोलॉजी पार्टनर और अन्य संबंधित पक्षों की तैयारियों की समीक्षा की। बता दें नीट पीजी परीक्षा 30 अगस्त 2026 को लगभग 340 शहरों और 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के संचालन के लिए 60,000 से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा इंतजामों में परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और जांच, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनामिक कंप्यूटर आवंटन, केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटरों से लाइव मॉनिटरिंग, और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों व मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा रियल-टाइम निगरानी शामिल है।
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