प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के उनके समकक्ष ले मिन्ह हंग ने शनिवार को रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की। वियतनाम ब्रिक्स समूह में भागीदार देश है। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने हंग के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘हमने ऊर्जा, दुर्लभ खनिजों और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के विस्तार पर भी चर्चा की।’’ दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने और दोतरफा निवेश बढ़ाने के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘वियतनाम हमेशा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘महासागर’ दृष्टिकोण का एक प्रमुख स्तंभ बना रहेगा।’’ मोदी और हंग ने मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाए जाने के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ भी अलग से बैठक की। मोदी ने कहा कि अली के साथ उनकी बातचीत में रक्षा, क्षमता निर्माण, निवेश संबंध, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दे शामिल रहे। उन्होंने कहा, ‘‘हम मिलकर भारत-अफ्रीका संबंधों को भी मजबूत करेंगे तथा ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को और प्रभावी बनाएंगे।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी तथा क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की।
