भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल और विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को “राष्ट्रीय सेवा का सच्चा साधक” बताया। केंद्र सरकार द्वारा हर साल 25 सितंबर को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।वहीं, दूसरी ओर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, हालांकि इस राजनीतिक विवाद पर प्रधानमंत्री ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने राष्ट्र निर्माण का जो सपना देखा था, उसका मूल आधार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का उत्थान था।पीएम ने कहा, “पंडित जी ने देश को ‘अंत्योदय’ का जो दर्शन दिया, वह आज भी जन-कल्याण के कार्यों में बहुत बड़ी प्रेरणा का स्रोत है। आइए, इस विशेष अवसर पर हम उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और सामाजिक तथा राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने का संकल्प लें।” 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पीएम मोदी के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर और उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बीच एक द्विपक्षीय मोटरसाइकिल ‘सेवा यात्रा’ आयोजित की गई है।शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इस यात्रा में शामिल युवाओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान देश में सामाजिक और आर्थिक असमानता कम हुई है। उन्होंने तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति को दरकिनार कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया।
