श्रीनगर की हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक, POCSO एक्ट के अलग-अलग मामलों में बंद दो आरोपी रविवार, 23 अगस्त 2026 को जेल की बाहरी दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना की जानकारी सामने आते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया। दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम और वांटेड नोटिस भी जारी किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुर्जर के रूप में हुई है। फरमान खान राजस्थान के सदानपुरा का रहने वाला बताया गया है। उसे गांदरबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के सिलसिले में 23 जून को सेंट्रल जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धाराओं 3 और 4 के तहत मामला दर्ज है। वहीं मुख्तार अहमद गुर्जर अनंतनाग के सांगलन चित्तरगुल इलाके का निवासी है। उसे श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के बाद 13 अप्रैल से जेल में रखा गया था। उसके खिलाफ भी BNS और POCSO एक्ट की धाराओं 3 और 4 के तहत मामला चल रहा है। श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा माना जाता है। जेल की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती है। अक्टूबर 2023 से CISF को जेल की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया था। इसके बावजूद दोनों कैदियों का जेल की दीवार पार कर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों कैदियों ने जेल से बाहर निकलने के लिए किस तरह सुरक्षा व्यवस्था को पार किया। फरारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे कश्मीर घाटी में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। संभावित ठिकानों के अलावा प्रमुख सड़कों, हाईवे और घाटी से बाहर निकलने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पलिस ने दोनों आरोपियों के वांटेड नोटिस जारी कर उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संभावित एग्जिट रूट्स पर वाहनों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें दोनों फरार आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे बिना देरी किए पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने लोगों से खुद आरोपियों को पकड़ने या उनके करीब जाने के बजाय सीधे सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क करने को कहा है। श्रीनगर सेंट्रल जेल जैसी हाई-सिक्योरिटी जेल से दो आरोपियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच का फोकस कैदी किस तरह जेल की दीवार तक पहुंचे, सुरक्षा में कहां चूक हुई और फरारी में किसी बाहरी मदद की भूमिका थी या नहीं, इन बिंदुओं पर रहेगा।

By UJAGAR

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