मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर साल्टलेक के नलबन में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘एक पेड़, मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की. अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने पूरे राज्य में 1.1 करोड़ पौधे लगाने की घोषणा की है. यह पहल केंद्र सरकार के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण और राज्य के ग्रीन कवर को बढ़ाने के लिए की गई।. इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोपे गये पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार द्वारा उठाई जायेगी. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपनी मां को समर्पित करते हुए एक पौधा लगाया. बता दें कि पूरे राज्य में अलग-अलग जगहों पर स्कूल, कॉलेज, पार्क में पौधरोपण किये जा रहे हैं. सीएम ने कहा कि शुक्रवार को छह लाख पौधरोपण किए जाएंगे. उन्होंने पर्यावरण की रक्षा में पौधे लगाने की उपयोगिता को बताया. उन्होंने विद्यार्थियों से इस काम के लिए आगे आने की अपील की. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों के लिए सरकार के पास कुछ खास योजनाएं हैं. उन्होंने कहा कि पर्यावरण के साथ काफी नाइंसाफी हुई है. अब हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. यही कारण है कि कोलकाता सहित आसपास के सभी इलाकों में सिर्फ कंक्रीट का जाल बिछ गया है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ‘स्वच्छ मोबाइल ऐप’ लॉन्च किया गया है. इस ऐप के जरिये कहीं भी गंदगी की शिकायत करने पर उस जगह को दो घंटे के अंदर साफ कर दिया जाएगा. सीएम ने कहा कि इसे अभी 10 शहरों में लॉन्च किया गया है. सरकार का लक्ष्य राज्य की सभी नगर पालिकाओं तक पहुंचना है. इसके अलावा हमें कालीघाट, दक्षिणेश्वर, तारापीठ, कूचबिहार में मदनमोहन मंदिर और जलपाईगुड़ी में जलपेश समेत कई मंदिरों के बाहर के माहौल को सुंदर बनाने की जिम्मेदारी लेनी है. उन्होंने दार्जिलिंग में टाइगर हिल और दक्षिण बंगाल के समुद्री तट को सुंदर बनाने का भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण राज्य में अभी भी बहुत से लोग खाना पकाने के लिए कोयला और लकड़ी जलाते हैं. इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने लकड़ी और कोयला जलाने वाले परिवार को संबंधित विभाग से इलेक्ट्रिक स्टोव देने की बात कही.
