पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछेक नेता ही कोलकाता में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के धरने में शामिल हुए। शुभेंदु अधिकारी ने हुगली जिले के प्रसिद्ध तारकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन में सिर्फ तीन सांसद और छह विधायक ही शामिल हुए… तृणमूल की हालत अब दयनीय है। यह फाल्टा जैसी हो गई है।’’ बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जीत के बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित तौर पर हुए हमलों के विरोध में मंगलवार को मध्य कोलकाता में एक दिवसीय धरना दिया। फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान में भाजपा ने एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। ​​इस निर्वाचन क्षेत्र को लंबे समय से तृणमूल का गढ़ माना जाता था। हालांकि, 24 मई को पुनर्मतदान के आए नतीजे में तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई। शुभेंदु ने तारकेश्वर के शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और कहा कि मंदिर का बंगाल के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा, “बंगाल में हिंदुत्व आज भी जीवित है और फल-फूल रहा है। मुझे यहां तिलक लगाने और पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला।’’ शुभेंदु ने कहा, ‘‘तारकेश्वर से संबंधित कुछ कदम उठाए जाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, मैं कल की कैबिनेट बैठक से पहले कुछ भी खुलासा नहीं करूंगा।’’ उन्होंने कहा कि मंदिर के कामकाज की देखरेख के लिए एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा, क्योंकि फिलहाल कोई न्यासी बोर्ड मौजूद नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्षिक ‘श्रावण मेला’ से पहले व्यापक तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि इस दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं।

By UJAGAR

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