पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली निराशाजनक हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस लगातार गहरे संकट का सामना कर रही है। राज्यभर में पार्टी नेताओं के खिलाफ आम लोगों का गुस्सा फूट रहा है और कई नेता बागी रुख अख्तियार कर चुके हैं। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पुलिस और प्रशासन भी टीएमसी नेताओं पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार रात कोलकाता में एक बड़ा एक्शन देखने को मिला। कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 101 से टीएमसी पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। पाटुली थाना पुलिस ने पहले उन्हें शनिवार को पूछताछ के लिए तलब किया था और उसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बप्पादित्य का राजनीतिक सफर दल-बदल वाला रहा है। टीएमसी का दामन थामने से पहले वे बीजेपी का हिस्सा हुआ करते थे। साल 2015 के निकाय चुनावों में उन्होंने वार्ड नंबर 110 से जीत दर्ज की थी। इसके अलावा, उन पर 2021 के चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा में भी शामिल होने के आरोप लग चुके हैं। पार्षद दासगुप्ता पर हुई यह कार्रवाई अकेले नहीं थी। इससे कुछ घंटे पहले शनिवार दोपहर को ही पुलिस ने वार्ड 101 के ही टीएमसी युवा अध्यक्ष सौरव घोष को गिरफ्तार किया था। घोष की गिरफ्तारी के बाद ही बप्पादित्य को थाने बुलाया गया था, जहां से उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। हाल के दिनों में कोलकाता नगर निगम के कई टीएमसी प्रतिनिधि पुलिस की रडार पर आए हैं। बप्पादित्य दासगुप्ता ऐसे छठे नेता हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके अलावा महेश कुमार शर्मा (वार्ड- 2), सचिन सिंह (वार्ड- 36), अरिजीत दास ठाकुर (वार्ड- 106), विश्वजीत मंडल (वार्ड- 114), सुदीप पोली (वार्ड- 123) पांच अन्य पार्षदों को पकड़ा गया है। पार्टी के लिए संकट सिर्फ पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी भारी विरोध देखने को मिल रहा है। हाल ही में बंगाल से कई ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें टीएमसी नेता डरे हुए नजर आ रहे हैं और खुद लोगों को बुलाकर उनका कट मनी वापस कर रहे हैं। जनता का यह बढ़ता आक्रोश पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

By UJAGAR

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