पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) में चार नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। आयोग के चेयरमैन दुष्यंत नारियाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। नए सदस्यों में रामकृष्ण मिशन के तीन प्रतिनिधि और आईआईएम कोलकाता के एक प्रोफेसर शामिल हैं। रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रो-चांसलर और सचिव स्वामी आत्मप्रियानंद को आयोग का सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा नरेंद्रपुर रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी शास्त्रज्ञानंद को भी सदस्य नियुक्त किया गया है। तीसरे सदस्य के रूप में स्वामी तत्त्वसारानंद को जिम्मेदारी दी गई है। वह रामकृष्ण मठ, बेलूर मठ के ट्रस्टी, रामकृष्ण मिशन की गवर्निंग बॉडी के सदस्य और गोलपार्क स्थित रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर के सचिव हैं। चौथे सदस्य के तौर पर प्रोफेसर राम्य ताराकड़ वेंकटेश्वरन की नियुक्ति हुई है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोलकाता के स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप में प्रोफेसर हैं। SSC चेयरमैन दुष्यंत नारियाला ने 11वीं-12वीं के शिक्षकों की भर्ती को लेकर अहम जानकारी दी। 14 अगस्त को प्रस्तावित सिफारिश पत्र जारी होने को लेकर उन्होंने स्पष्ट तौर पर संशय का संकेत दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश की जा रही है। चेयरमैन के मुताबिक 2025 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में करीब 39 हजार उम्मीदवारों में से 15 हजार शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां स्कूल सर्विस कमीशन के आदेश के अनुसार की जाएंगी। 2016 की अपर प्राइमरी भर्ती में लंबित 1,177 उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई। वहीं, 308 स्पेशल एजुकेशन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी पत्र जारी किए गए हैं। स्कूल सर्विस कमीशन के चेयरमैन ने बताया कि ग्रुप-C और ग्रुप-D भर्ती के परिणाम पूजा के बाद जारी करने की कोशिश की जा रही है। आयोग का फोकस लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर है। नवनियुक्त सदस्य स्वामी आत्मप्रियानंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बिना कई मामलों में आगे बढ़ना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में कई मामले लंबित हैं और आयोग अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता आयोग की प्राथमिकता है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अपडेट वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को सही और आधिकारिक जानकारी मिल सके और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

By UJAGAR

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