पश्चिम बंगाल में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रविवार सुबह एक बड़ा और बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत उल्लाडाबरी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर एक सरकारी बस और खड़े ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस भयावह दुर्घटना में 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह आसमान में काले बादल छाए हुए थे और उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक गरज-चमक के साथ बारिश हो रही थी। इसी बारिश और गीली सड़क के बीच उत्तर बंगाल राजकीय परिवहन निगम (NBSTC) की एक सीएनजी बस मयनागुड़ी उल्लाडाबरी इलाके से गुजर रही थी। तभी बस ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह दुमड़-मुचड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही 5 लोगों ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।  घटना की सूचना मिलते ही मयनागुड़ी थाने की पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। करीब 40 से अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत मयनागुड़ी अस्पताल और जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के अनुसार, घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यह सड़क हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पूरा उत्तर बंगाल पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन (Landslide) की चपेट में है। पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं और कई मुख्य मार्ग बंद हो चुके हैं। सड़क संपर्क पूरी तरह टूटा: महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग 110 (NH 110) का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। इसके अलावा, कर्सियांग से सिलिगुड़ी जाने वाली तीन लेन की सड़क का भी एक बड़ा हिस्सा भूस्खलन की वजह से ढह गया है और एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया है। सुरक्षा के लिहाज से दार्जिलिंग-सिलिगुड़ी और सिलिगुड़ी-मिरिक मार्ग को फिलहाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बह गए अस्थाई पुल: कर्सियांग ब्लॉक के दूधिया में बालासन नदी के तेज बहाव के कारण ह्यूम पाइप से बना एक अस्थायी पुल पूरी तरह बह गया है, जिससे मिरिक और सिलिगुड़ी के बीच का संपर्क कट गया है। महानंदा बैराज और तीस्ता नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिसके चलते बैराज के गेट खोलने पड़े हैं। टॉय ट्रेन सेवाएं ठप: राष्ट्रीय राजमार्ग 110 के क्षतिग्रस्त होने के कारण दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की विश्व प्रसिद्ध टॉय ट्रेन सेवाओं को भी सुरक्षा कारणों से पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मलबे को हटाने और सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। स्थिति को सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।

By UJAGAR

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