6 जुलाई, सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक संक्षिप्त दौरे पर कोलकाता पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा टॉलीवुड के ‘इंडस्ट्री’ कहे जाने वाले पद्मश्री पुरस्कार विजेता अभिनेता प्रसनजीत चटर्जी के साथ उनकी मुलाकात की रही। सोमवार शाम को जब अमित शाह मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक और भाजपा नेत्री लॉकेट चटर्जी के साथ प्रसनजीत के आवास ‘उत्सव’ पहुंचे, तो राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया था। इस मुलाकात को लेकर बना सस्पेंस अब 24 घंटे के भीतर खुद गृहमंत्री ने खत्म कर दिया है। मुलाकात के पीछे की असली वजह का खुलासा करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रसनजीत चटर्जी के साथ तस्वीरें साझा कीं। शाह ने लिखा: “प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, निर्देशक और लेखक श्री प्रसनजीत चटर्जी जी के आवास पर उनके साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान मैंने उन्हें पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार के ‘विशेष जनसंपर्क अभियान’ की ऐतिहासिक सफलताओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।” गृहमंत्री के इस पोस्ट से यह साफ हो गया कि यह मुलाकात केंद्र सरकार के विशेष जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी, जिसके तहत समाज के प्रतिष्ठित प्रबुद्ध जनों से संपर्क साधा जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह के इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया वॉल पर री-शेयर करते हुए सुपरस्टार प्रसनजीत चटर्जी ने अपनी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने लिखा: “अमित शाह जी, अपने घर पर आपका स्वागत करते हुए मुझे वास्तव में गर्व महसूस हो रहा है। आपके इस आत्मीय आगमन और मुझे उपहार स्वरूप दी गई किताबों के लिए दिल से धन्यवाद। आपके साथ बिताया गया यह समय मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। मैं आपके इस सौजन्य को हमेशा सहेजकर रखूँगा। आपके आगमन से मैं गहराई से सम्मानित और आभारी महसूस कर रहा हूँ।” यह पहली बार नहीं है जब भाजपा के शीर्ष नेताओं ने प्रसनजीत चटर्जी से मुलाकात की हो। इससे पहले चुनाव के माहौल में सुकांत मजूमदार और शमिक भट्टाचार्य जैसे बड़े नेता भी अभिनेता के घर जाकर मुलाकात कर चुके हैं। इस साल प्रसनजीत चटर्जी को पद्मश्र सम्मान मिलने के बाद से भगवा खेमे के नेताओं के साथ उनकी नजदीकियां और बढ़ी हैं। इस मेल-जोल के बाद से ही प्रसनजीत चटर्जी के राजनीति में कदम रखने और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की अफवाहें और कयासबाजी तेज हो गई हैं। हालांकि, अभिनेता और भाजपा नेतृत्व दोनों पक्षों ने हमेशा यही दावा किया है कि ये मुलाकातें पूरी तरह से एक ‘सौजन्य भेंट’ (शिष्टाचार मुलाकात) हैं और इनका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।

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