प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने हरियाणा के लिए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से हरियाणा के विकास को नई गति मिलेगी और राज्य देश की आर्थिक प्रगति में और बड़ी भूमिका निभाएगा। पीएम ने कहा कि हरियाणा अब विकास की नई पटरी पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का क्षेत्र चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारत के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी मार्ग से आता है, लेकिन इसके बावजूद देश की विकास यात्रा प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को लगातार जारी रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यदि इस तरह का तेल संकट आता तो रेलवे व्यवस्था प्रभावित हो जाती, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा, “तेल संकट के बावजूद रेलवे नहीं रुकी। पहले ऐसी स्थिति होती तो रेलवे ठप हो जाती, लेकिन आज विकास की गाड़ी न रुकी है और न कभी रुकेगी। पीएम ने कहा कि सरकार ने ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों और आधुनिक तकनीकों पर लगातार काम किया है, जिसका परिणाम आज देश के सामने है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे के 99 प्रतिशत नेटवर्क का बिजलीकरण किया जा चुका है। इससे ईंधन पर निर्भरता कम हुई है, संचालन लागत घटी है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी परियोजनाएं भारत को स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाएंगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन देश के विकास को नई दिशा देगा और भारत वैश्विक स्तर पर हरित परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल होगा।

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