जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रविवार को भारी तबाही मचा दी। पुंछ और राजोरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग की ओर से 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। सबसे अधिक नुकसान पूंछ जिले के सुरनकोट और हवेली क्षेत्र में हुआ। सुरनकोट के लोअर मुर्रा गांव में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया। हादसे में दो लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि छह अन्य, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। नूनाबांडी गांव में एक मकान गिरने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई, जबकि उनके पति और तीन छोटे बच्चे घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संगलेयानी गांव में मकान गिरने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं मरहोट इलाके में एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई। धुंधक लाथूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद हुआ। हवेली क्षेत्र में भी मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार पुंछ नगर में पुलस्त्य नदी में आई बाढ़ से दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए, जिससे कई वाहन भी बाढ़ की चपेट में आ गए। जिले में भूस्खलन के कारण अधिकांश सड़कें बंद हैं, जबकि बिजली आपूर्ति और बीएसएनएल तथा एयरटेल की सेवाएं भी पूरी तरह ठप हो गई हैं। राजोरी शहर में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार सुबह अचानक फ्लैश फ्लड आ गया। दरहाली, खांडली, सुकतोह और जमोला समेत सभी नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बहने लगीं। दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी, जिससे पानी सीधे नए बस अड्डे में घुस गया। कई वाहन बह गए या पानी में डूब गए। अब्दुल्ला ब्रिज के पास स्थित झुग्गी बस्ती में पानी भरने से 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। तारिक ब्रिज और अन्य निचले इलाकों में भी पानी भर गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों को तत्काल घर खाली कराने का अभियान चलाया। राहत एवं बचाव कार्य में जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक संयुक्त रूप से जुटे हुए हैं। प्रशासन ने राजोरी के सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में राहत एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया है, जहां प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय दिया जा रहा है। जम्मू में तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवक नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू किया गया। रामबन जिले के बनिहाल क्षेत्र में रविवार सुबह एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 50 वर्षीय गुलाम मोहम्मद लोन की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार बनिहाल उप-जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गंदरबल जिले में रंगा मोड़ और जोजिला पास के बीच मामूली भूस्खलन हुआ, जिसके बाद सड़क बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया। श्रीनगर के विचारनाग मंदिर परिसर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर जलभराव होने के कारण उपराज्यपाल का प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। कुपवाड़ा प्रशासन ने 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर मौसम संबंधी एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को दोनों मार्गों पहलगाम और बालटाल से अस्थायी रूप से रोक दिया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से भी श्रद्धालुओं की आगे की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मौसम सामान्य होने और मार्गों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.76 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। खराब मौसम को देखते हुए माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्रा भी फिलहाल रोक दी गई है। कटरा प्रशासन ने मानसून आपदा प्रबंधन के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कंट्रोल रूम में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, बिजली, जल शक्ति विभाग और नगर निकायों के अधिकारी मिलकर हालात पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आधिकारिक सूचना मिलने तक यात्रा स्थगित रखने की अपील की है. उपमंडल प्रशासन कटरा ने बारिश, बाढ़, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। नागरिक किसी भी आपदा संबंधी सूचना या सहायता के लिए 01991-295681 पर संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली का अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर जम्मू लौटने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाना है। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजोरी और पुंछ की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। सभी संबंधित विभागों, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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