त्रिपुरा के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) अनुराग धनखड़ अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए हैं. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने अपनी जान खुद ली है. उन्हें तुरंत गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सीनियर डॉक्टर प्रदीप भौमिक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आजतक से जुड़े तन्मय चक्रबर्ती की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनके ऑफिस को सील कर दिया. डॉ. प्रदीप भौमिक का कहना है कि जब DGP अस्पताल लाए गए, तब उन्हें CPR दिया गया, लेकिन करीब 48 मिनट CPR देने के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी. डॉक्टर प्रदीप के मुताबिक, 20 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे अनुराग धनखड़ को अस्पताल लाया गया. उनकी नब्ज़ गायब थी, इसलिए उन्हें CPR दिया गया. जब उन्हें होश नहीं आया, तब 12 बजकर 48 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. डॉक्टर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उनका कहना है कि शरीर पर बाहरी चोट के निशान तो नहीं हैं, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगी. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. अनुराग धनखड़ ने 17 मई 2025 को DGP का कार्यभार संभाला था. इससे पहले, उन्हें 1 जनवरी, 2024 से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) के प्रभार के साथ पुलिस महानिदेशक (खुफिया) के रूप में तैनात किया गया था. वे इंडियन पुलिस सर्विस के 1994 बैच के IPS अफसर थे. त्रिपुरा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने मैसूर के CFTRI से खाद्य प्रौद्योगिकी में बैचलर और उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस प्रबंधन में मास्टर डिग्री हासिल की. इसके अलावा हैदराबाद के NALSAR विधि विश्वविद्यालय से साइबर अपराध में डिप्लोमा किया था.
