सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच शुक्रवार को ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में बातचीत हुई। यह मीटिंग 10 मिनट चली। बैठक के बाद सीजेपी ने बताया कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कल दोपहर 25 जुलाई 2026 तक का समय मांगा है। सीजेपी ने उम्मीद जताई कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान को जल्द ही हटा देगी। सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजे और छात्रों के खिलाफ FIR और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार के साथ बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर (25 जुलाई 2026) तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी। सरकार ने मुआवजा (सुसाइड से मरने वाले NEET कैंडिडेट्स के परिवारों के लिए) और छात्रों पर FIR, लीगल केस वापस लेने की दो मांगों पर इन-प्रिंसिपल मंज़ूरी दे दी है।’ दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने कहा- सीजेपी के डेलिगेशन के साथ मीटिंग हुई। हमने उनकी बातें सुनीं। बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उन्हें बताएंगे। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद से निपटने के तरीके के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं। मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ सीजेपी ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी मांग की है।
