केंद्रीय रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। उनके इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति और केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मंत्री पद छोड़ने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात रही।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पंजाब की जनता की सेवा करना उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में भी राष्ट्रहित और विकसित भारत के संकल्प के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे। रवनीत सिंह बिट्टू पहले भी संकेत दे चुके हैं कि अब वह पंजाब की राजनीति पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें राज्य में प्रमुख चेहरों में शामिल कर सकती है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पंजाब में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए बिट्टू को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। दरअसल, जून 2026 में रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा। भारतीय संविधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति सांसद नहीं है, तो वह अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।इसी संवैधानिक प्रावधान के चलते उनका इस्तीफा लगभग तय माना जा रहा था। रवनीत सिंह बिट्टू से पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में दो मंत्री पद खाली होने के बाद केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी टीम में कुछ नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बदलाव की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति और राज्यों में नए नेतृत्व को आगे लाने की योजना के तहत भी इस फैसले को देखा जा रहा है।पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए कई नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के वरिष्ठ नेता हैं और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की और कई बार लोकसभा सांसद रहे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा और केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी। अब मंत्री पद से इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें पंजाब में बड़ी राजनीतिक भूमिका दे सकती है।
