संसद के मानसून सत्र में सोमवार को भी विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। पेपर लीक रोकथाम विधेयक और छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नज़र आए। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को भी दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए टाल दी गई। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से लाए गए महत्वपूर्ण विधेयक पर व्यापक चर्चा कराने की अपील की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून बताते हुए सदन में व्यापक चर्चा की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष की सहमति से इस विधेयक पर कम से कम 6 घंटे या आवश्यकता पड़ने पर उससे अधिक समय तक चर्चा कराई जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विधेयक पर कुल 91 संशोधन प्रस्तुत किए गए हैं और सभी पक्षों से शाम 5 बजे तक सहमति बनाने की अपील की, ताकि उसके बाद चर्चा शुरू हो सके। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान होने वाली पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करें। संसद परिसर में विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग की। विपक्षी नेताओं ने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की और कहा कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार जवाब नहीं देती, तब तक वे सदन की कार्यवाही में सामान्य रूप से भाग नहीं लेंगे। राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम विधेयक, 2026’ पर विचार शुरू हुआ, लेकिन हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोनों सदनों में पेपर लीक रोकथाम विधेयक और छात्र आंदोलन को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के कारण मानसून सत्र की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। संसद के मौजूदा मानसून सत्र में सरकार जहां पेपर लीक रोकने जैसे अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर कायम है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने तक सदन की कार्यवाही प्रभावित रहने की संभावना बनी हुई है।

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