राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित एक किराए के मकान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उस पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए लोगों को पश्चिम एशियाई देशों में भेजने वाले मानव तस्करी गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान गोलाम जमा के रूप में हुई है। दुर्गापुर के वार्ड संख्या 13 स्थित न्यू स्टील पार्क में उसके घर पर करीब तीन घंटे तक तलाशी और पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया। एनआईए के अनुसार, गोलाम जमा पर एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है, जो विदेश में संविदा आधारित रोजगार दिलाने के नाम पर श्रमिकों को पश्चिम एशियाई देशों में भेजता था। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि विदेश भेजे जाने वाले लोगों के लिए फर्जी पासपोर्ट की व्यवस्था की जाती थी। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “मानव तस्करी के एक नेटवर्क की चल रही जांच के तहत यह तलाशी अभियान चलाया गया। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और जांच से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए इस स्तर पर अभियान से जुड़ी अधिक जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।” अधिकारी ने बताया कि गोलाम जमा मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। करीब चार वर्ष पहले उसने दुर्गापुर की एक महिला से शादी की थी और इसके बाद वह वहीं आकर बस गया। वह न्यू स्टील पार्क इलाके में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रह रहा था। जांचकर्ता उसके पिछले रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। एनआईए अधिकारी के मुताबिक, गोलाम जमा पहले छत्तीसगढ़ में एक टायर की दुकान पर काम करता था। बाद में वह एक ट्रैवल एजेंसी से जुड़ा, जहां उसका संपर्क कथित तौर पर विदेशों में श्रमिकों को भेजने वाले संगठित नेटवर्क से हुआ। एजेंसी को संदेह है कि ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल मानव तस्करी के अवैध कारोबार की आड़ के रूप में किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोलाम जमा बेहद कम लोगों से मेलजोल रखता था और पड़ोसियों से भी बहुत कम बातचीत करता था। उन्होंने यह भी बताया कि वह अक्सर मलयेशिया और सऊदी अरब जैसे देशों की यात्रा करता था। हालांकि उस समय उसकी यात्राओं का उद्देश्य किसी को पता नहीं था। सोमवार को चली कार्रवाई के दौरान एनआईए अधिकारियों ने गोलाम जमा की पत्नी से भी पूछताछ की। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे समय घर के बाहर सुरक्षा घेरा बनाए रखा।
