संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को नई दिल्ली में NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पश्चिम बंगाल की नेता काकली घोष दस्तीदार को पहली पंक्ति में जगह मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद सबसे अधिक चर्चा काकली घोष दस्तीदार की सीट को लेकर हुई। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के निकट पहली पंक्ति में बैठाया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बैठकों में नेताओं की बैठने की व्यवस्था अक्सर राजनीतिक संदेशों का संकेत मानी जाती है। हालांकि, NDA की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। काकली घोष दस्तीदार ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI का दामन थामा है। NDA की इस महत्वपूर्ण बैठक में उनकी मौजूदगी और पहली कतार में स्थान मिलने को बंगाल की राजनीति में उनके बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बैठक में पश्चिम बंगाल की वरिष्ठ नेता शताब्दी रॉय भी शामिल हुईं, लेकिन उनकी सीट पीछे की कतार में थी। दोनों नेताओं की सीटिंग व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इसे लेकर किसी भी दल ने आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक का उद्देश्य संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विधायी एजेंडे और सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा करना था। बैठक में आगामी संसदीय कार्यवाही और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी मंथन किया गया।
