देशभर में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय चरण में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में देश के ऊपर दो प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक वर्षा तथा अगले पांच से छह दिनों तक पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने गुजरात में जनजीवन के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स के साणंद प्लांट और आसपास स्थित कई ऑटो पार्ट्स सप्लायर इकाइयों में जलभराव के कारण उत्पादन कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। इसके अलावा चंपावत, बागेश्वर और टिहरी जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। प्रमुख बाजारों और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। कई कार्यालय जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग और राज्य सरकारों ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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