तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दक्षिण 24 परगना के विष्णुपुर थाना क्षेत्र में सेवा शिविर के लिए रिसार्ट किराये पर लेने और कथित तौर पर उसका भुगतान नहीं करने के मामले में रिसार्ट मालिक की शिकायत के बाद पुलिस बुधवार को सुमित के न्यू अलीपुर स्थित घर पहुंची। विष्णुपुर और बेहाला थाने के पुलिसकर्मी करीब 10 मिनट तक घर के बाहर खड़े रहे। बाद में सुमित की मां ने दरवाजा खोला, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें नोटिस सौंपा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि समस्या जल्द से जल्द सुलझ जाए। हालांकि, सुमित के ठिकाने के बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। सुमित राय पर जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार और चुनाव में उम्मीदवार बनाने के नाम पर कथित वसूली जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। इन्हीं मामलों की जांच के सिलसिले में मेदिनीपुर जिला पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोबाइल टावर की लोकेशन के आधार पर जांचकर्ता अभिषेक के कालीघाट स्थित आवास तक भी पहुंचे थे। इसके बाद सुमित के कथित तौर पर गायब होने की बात सामने आई। पुलिस उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस की अर्जी पर मेदिनीपुर की अदालत ने सुमित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। इसके बाद सुमित की ओर से कलकत्ता हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
