पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील में अंडा दिए जाने को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच राज्य सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नवान्न से घोषणा करते हुए कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अंडा पहले की तरह मिलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के पोषण को लेकर सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी कारणवश भोजन वितरण की व्यवस्था में बदलाव करना पड़े, तब भी छात्रों को अंडा अलग से उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी बच्चे को निर्धारित पोषण से वंचित न रहना पड़े। हाल के दिनों में मिड-डे मील से अंडा हटाए जाने की चर्चा तेज हो गई थी। इस पर सरकार ने साफ संदेश देते हुए कहा कि ऐसी खबरों पर भरोसा न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के हितों से जुड़ी योजनाओं पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सिर्फ भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देना भी है। इसी वजह से अंडे के वितरण की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि छात्रों को आवश्यक प्रोटीन मिलता रहे। पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता दूर होने की उम्मीद है। अब मिड-डे मील में अंडा बंद होने की अटकलों पर भी विराम लग गया है।
