उत्तर प्रदेश में पश्चिम बंगाल की उल्टी तस्वीर! उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (SIR) की फाइनल लिस्ट जारी हुई। वहां ड्राफ्ट के बाद 84 लाख से ज़्यादा नाम जोड़े गए। लेकिन, पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट फेज़ के बाद भी 27 लाख से ज़्यादा नाम छूट गए। BJP का यह ‘मॉडल’ राज्य उत्तर प्रदेश है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ के राज्य में वोटरों की संख्या 15 करोड़ 40 लाख थी। SIR फेज़ में ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख रह गई। आज जारी फाइनल वोटर लिस्ट में 13 करोड़ 39 लाख नाम हैं। लखनऊ के लोकभवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के चीफ इलेक्शन ऑफिसर नवदीप रिनवा ने बताया कि फाइनल लिस्ट में 84 लाख 28 हज़ार 787 लोगों के नाम जोड़े गए हैं। इसमें से महिला और पुरुष वोटरों की संख्या लगभग बराबर है। 18-19 साल के वोटरों की संख्या में 14 लाख 29 हज़ार 379 की बढ़ोतरी हुई है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उत्तर प्रदेश के 50 विधानसभा क्षेत्रों में लाखों से ज़्यादा वोटर छूट गए हैं। इनमें से एक बरसानी लोकसभा क्षेत्र के दो विधानसभा क्षेत्र हैं। इस वजह से सबकी नज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र पर थी। आज जारी फाइनल लिस्ट से पता चलता है कि वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में 1 लाख 94 हज़ार 239 नाम वापस जोड़े गए हैं। हालांकि, वहां कुल वोटरों की संख्या कम हो गई है। फाइनल लिस्ट में 27 लाख 30 हज़ार 603 लोगों के नाम हैं। मोदी के चुनाव क्षेत्र में आज करीब 4 लाख 23 हज़ार वोटरों को ‘डिलीट’ या कैंसल घोषित किया गया है। फाइनल लिस्ट में सबसे ज़्यादा नाम प्रयागराज ज़िले में जोड़े गए हैं। यह संख्या 3 लाख 29 हज़ार से ज़्यादा है। लखनऊ दूसरे नंबर पर है। वहां 2 लाख 85 हज़ार से ज़्यादा लोगों के नाम जोड़े गए हैं। इसके बाद बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर हैं। तीनों जिलों में ड्राफ्ट के बाद वोटरों की संख्या में औसतन 2.5 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
