महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस जी ने शुक्रवार को न्यूटाउन के एक फाइव-स्टार होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल पिछड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लहजे में दावा किया कि देश की इकॉनमी में बंगाल का इकॉनमिक कंट्रीब्यूशन बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा, “करीब 1400 कंपनियां बंगाल छोड़कर जा चुकी हैं। वे महाराष्ट्र में बिजनेस कर रही हैं। बड़ी कंपनियां उस लिस्ट में हैं। यहां कहा जा रहा है कि पुरानी कंपनियां भले ही चली गई हों, लेकिन नई कंपनियों ने अपना नाम रजिस्टर करा लिया है। मेरा सवाल है कि क्या उन्होंने पूरे जोश के साथ काम करना शुरू कर दिया है? वह जानकारी दी जाए। वे नहीं दी जा सकतीं।” फडणवीस जी ने यह भी कहा, “देश की 65 परसेंट आबादी 35 साल से कम उम्र की है। उनके लिए नौकरी का इंतज़ाम किया जाना चाहिए। राज्य सरकारें सही हालात बनाती हैं। कंपनियां नौकरियां देती हैं। सरकार भी नौकरियां देती है लेकिन उसकी अपनी सीमाएं हैं। BJP शासित राज्यों में वह इंतज़ाम किया गया है। बंगाल में भी किया जाएगा। अगले 5-7 सालों में बंगाल देश के टॉप पांच राज्यों की लिस्ट में वापस आ जाएगा।” BJP की टॉप लीडरशिप बंगाल चुनाव कैंपेन में बार-बार आरोप लगा रही है कि राज्य में बेरोज़गारी बढ़ी है। कोई भारी इंडस्ट्री नहीं है। तृणमूल का दावा है कि बेरोज़गारी 40 परसेंट कम हुई है। राज्य के लोगों की हालत में कुल मिलाकर सुधार हुआ है। BJP झूठे वादे कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को दावा किया कि बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की साजिश रची थी।

उन्होंने ध्यान दिलााया कि तृणमूल जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) पर आपत्ति जता रही है, वहीं जिनके नाम ‘उचित कारणों’ से हटाए गए वे लोग कोई विरोध नहीं कर रहे हैं।

बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक दिवसीय दौरे पर आए फडणवीस ने कोलकाता के न्यूटाउन स्थित एक होटल में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर में मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि जिनके नाम उचित कारणों से हटाए गए थे, उन्होंने विरोध नहीं किया फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी तृणमूल को ही क्यों आपत्ति है? उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही विशेष गहन पुनरीक्षण पर कुछ टिप्पणियां की है लेकिन इसे रोका नहीं।

इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस पूरी प्रक्रिया को रोकना चाहती थी। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण में संवैधानिक प्रावधान हैं जिसके तहत पीड़ित व्यक्ति न्याय मांग सकता है तथा कानूनी सहारा ले सकता है तथा वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं।

फडणवीस ने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया हर 10 वर्ष में की जानी चाहिये ताकि मृत, स्थानांतरित और अनधिकृत मतदाताओं के नाम हटाए जा सके। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आगामी विधानसभा चुनाव में ‘धोखाधड़ी के साधनों’ से जीतने के उदेश्य से इसका विरोध करने का आरोप लगाया।

इस दौरान फडणवीस ने तृणमूल के 15 वर्षों के शासनकाल में कानून- व्यवस्था की खराब स्थिति और उद्योग की बदहाली समेत विभिन्न क्षेत्रों में विफलता का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी सरकार को घेरा। कहा कि बंगाल से बड़ी संख्या में उद्योग अन्य राज्यों में जा रहे हैं और उनमें से एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र में निवेश कर रहा है।

फडनवीस ने दावा किया कि बंगाल की लगभग 1,400 कंपनियां महाराष्ट्र चली गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बड़ी-बड़ी लिस्टेड कंपनियों का किसी राज्य को छोड़कर जाना इस बात का संकेत है कि वहां निवेश का माहौल ठीक नहीं है।

बंगाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि केवल रजिस्ट्रेशन के आधार पर उद्योग का आकलन नहीं किया जा सकता, बल्कि वास्तव में कितने उत्पादन शुरू हुए हैं, वही असली सूचक है।

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