महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने वाले कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल के लोकसभा में खारिज होने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी जी ने शनिवार रात दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर देश को संबोधित किया। और अब उनके भाषण के इर्द-गिर्द नेशनल पॉलिटिक्स गरमा गई है। दो लेफ्ट पार्टियों – CPI(M) और CPI – ने इलेक्शन कमीशन (ECI) से संपर्क किया है, यह दावा करते हुए कि यह ‘पूरी तरह से पॉलिटिकल’ था और मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट का बड़ा उल्लंघन था।

लेफ्ट के मुख्य आरोप

इन दोनों लेफ्ट पार्टियों ने आज इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को एक लेटर लिखा है। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के लिए मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट लागू है। ऐसे में, प्रधानमंत्री जी ने विपक्षी पार्टियों के खिलाफ पॉलिटिकल कैंपेन चलाने के लिए सरकार के ब्रॉडकास्टिंग मीडिया का इस्तेमाल किया है। CPI नेता संतोष कुमार ने लेटर में दावा किया है कि ‘पार्लियामेंट टीवी’ और ‘दूरदर्शन’ जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके आने वाले चुनावों में बराबरी का मौका बनाया जा रहा है। अगर कमीशन इस मुद्दे पर चुप रहता है, तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे।

तृणमूल का रुख

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी जी भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के खिलाफ सामने आई हैं। शनिवार को हुगली के तारकेश्वर में एक पब्लिक मीटिंग में उन्होंने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे ‘सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल’ बताया। तृणमूल नेता ने साफ कहा है कि मोदी अपनी पार्टी के लिए गैरकानूनी कैंपेन कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस भी इसके खिलाफ कमीशन में शिकायत करेगी।

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