चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया है। शराब की बिक्री में ‘भीड़’ रोकने के लिए सभी लाइसेंसी शराब की दुकानों को चुनाव से 48 घंटे पहले बंद करने का आदेश दिया गया है। आयोग ने सोमवार को इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया। जिन जिलों में वोटिंग है, वहां मंगलवार, 23 अप्रैल को शाम 6 बजे से सभी शराब की दुकानें बंद हो जाएंगी। अगर पहले से स्टॉक नहीं किया गया, तो शराब के शौकीनों को परेशानी होगी। पहले फेज की वोटिंग 23 अप्रैल को 17 जिलों के 152 चुनाव क्षेत्रों में है। जिन सभी चुनाव क्षेत्रों में वोटिंग है, वहां शराब की दुकानें 48 घंटे के लिए बंद रहेंगी। यानी मंगलवार शाम 6 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। चुनाव के दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। हर सेंटर पर चुनाव से 48 घंटे पहले शराब की दुकानें बंद करना अनिवार्य है। आयोग ने सिर्फ FL ऑफ शॉप्स ही नहीं, बल्कि सभी होटलों और रेस्टोरेंट में भी शराब पर रोक लगाई है। पहले फेज की तरह दूसरे फेज में भी यानी 29 अप्रैल से 48 घंटे पहले शराब की दुकानें बंद रहेंगी। यानी 27 अप्रैल को शाम 6 बजे से शराब की बिक्री पर बैन लग जाएगा। दो फेज के मामले में कमीशन ने इस डेढ़ दिन को ड्राई डे बताया है। वहीं, 4 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे। उस दिन पूरे दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। यानी पूरा दिन ड्राई डे रहेगा। और यह बैन पूरे राज्य में लगाया जाएगा। यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमीशन ने एक बयान में कहा कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1951 के सेक्शन 135C के तहत वोटिंग खत्म होने के तय समय से 48 घंटे पहले किसी भी तरह की शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई पूरी तरह से बैन रहेगी। यह बैन होटल, रेस्टोरेंट, शराब की दुकानों, क्लब या किसी भी दूसरी पब्लिक या प्राइवेट जगह पर लागू होता है। अगर जरूरी हुआ तो दोबारा चुनाव के मामले में भी यही नियम लागू होगा। चुनाव आयोग ने आगे साफ़ किया है कि इन दिनों नॉन-प्रॉपराइटरी क्लब, स्टार होटल, रेस्टोरेंट या अलग-अलग लाइसेंस वाले होटलों में शराब पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
चुनाव आयोग आने वाले विधानसभा चुनावों में भी शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पक्का इरादा रखता है। सभी अधिकारियों को पहले ही बिना भेदभाव के काम करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने किसी भी तरह के राजनीतिक असर का इस्तेमाल करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी सतर्क रहने को कहा गया है। इसलिए आयोग ने चुनावों से पहले पाबंदियाँ और कड़ी कर दी हैं और शराब की बिक्री पर लगाम कस दी है।
