मणिपुर में पिछले कुछ दिनों से उथल-पुथल मची हुई है। मणिपुर के बिष्णुपुर इलाके में दो लड़कियों की दुखद मौत पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। विरोध की आग राज्य के दूसरे हिस्सों में भी फैल गई है। शनिवार को इंफाल में ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) की पहल पर एक जुलूस निकाला गया था। उस जुलूस को लेकर तनाव फैल गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मणिपुर के 5 ज़िलों में इंटरनेट सर्विस रोक दी गई हैं। ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) की तरफ़ से शनिवार को दोपहर करीब 1 बजे निकाले गए इस विरोध जुलूस में अलग-अलग इलाकों से लोग इकट्ठा होने लगे थे। पुलिस का दावा है कि यह जुलूस मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के घर की तरफ़ बढ़ रहा था। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस छोड़ी है। वहीं, कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते राज्य के पांच ज़िलों में इंटरनेट सर्विस कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। असल में, यह मार्च छह मांगों को लेकर निकाला गया था। इस दिन कई लोग मणिपुर में शांति स्थापित करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने और मणिपुर की अखंडता की रक्षा करने सहित छह मांगों के साथ मार्च में शामिल हुए। गौरतलब है कि मणिपुर 2023 से कुकी और मेइतेई समुदायों के बीच झड़पों के कारण जल रहा है।
