पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में जारी कानूनी कार्रवाई के बीच कोलकाता पुलिस ने एक बड़ी गिरफ्तारी की है. बांग्ला पक्खो (Bangla Pokkho) संगठन के प्रमुख गार्गा चटर्जी (Garga Chatterjee) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गार्गा पर चुनाव आयोग के खिलाफ भ्रामक तथ्य फैलाने, ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ के झूठे आरोप लगाने और समाज में अशांति पैदा करने की कोशिश करने के गंभीर आरोप हैं. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने मंगलवार को गिरफ्तारी की पुष्टि की. पुलिस के मुताबिक, गार्गा चटर्जी को इस मामले में पूछताछ के लिए 2 बार नोटिस भेजा गया था. वे एक बार भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुए. जांच में सहयोग न करने के बाद पुलिस ने आखिरकार उन्हें 12 मई को धर दबोचा. उन्हें बुधवार को कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि गार्गा चटर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट न केवल भ्रामक थे, बल्कि वे समाज को अशांत करने वाले थे. चुनाव जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बिना किसी सबूत के तथ्य पेश करना और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना कानून की नजर में अपराध है. साइबर सेल ने इन पोस्ट्स को ट्रैक किया और पाया कि इससे जनता के बीच भ्रम फैल रहा था. गार्गा चटर्जी ‘बांग्ला पक्खो’ नाम का एक संगठन (NGO) चलाते हैं, जो अक्सर भाषाई और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए चर्चा में रहता है. हालांकि, इस बार चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर किये गये उनके दावों ने उन्हें कानूनी मुश्किल में डाल दिया है. कोलकाता पुलिस अब उनसे कड़ाई से पूछताछ करेगी, ताकि इस साजिश के पीछे के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके.

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