भारत और अफ्रीकी संघ ने राष्ट्रीय राजधानी में 28 से 31 मई के बीच आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर स्थगित करने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को इस शिखर सम्मेलन को स्थगित करने के कारणों का उल्लेख किए बिना कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चर्चा करने के बाद सम्मेलन की नयी तिथियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांगो लाोकतांत्रिक गणराज्य इबोला के प्रकोप का सामना कर रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता के मद्देजर इसे आपातकाल घोषित कर दिया है। कांगो में इबोला से अब तक 136 लोगों की मौत होने की जानकारी है। भारत ने आगामी शिखर सम्मेलन में अफ्रीका महाद्वीप के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा पेश करने की योजना बनाई थी। कई अफ्रीकी देशों के शीर्ष नेताओं ने पहले ही इस सम्मेलन में शामिल होने की सहमति दे दी थी। नई दिल्ली ने इससे पहले अक्टूबर 2015 में भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अफ्रीकी संघ ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ‘‘उत्पन्न हो रही स्वास्थ्य स्थिति’’ पर विचारों का आदान-प्रदान किया और अफ्रीका (रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र)सीडीसी और संबंधित राष्ट्रीय संस्थानों को समर्थन सहित पूरे महाद्वीप में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने में निरंतर सहयोग के महत्व को दोहराया। अफ्रीका सीडीसी, अफ्रीकी संघ की एक महाद्वीपीय स्वायत्त स्वास्थ्य एजेंसी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अफ्रीका के लोगों और सरकारों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और स्वास्थ्य संबंधी बदलती स्थिति से निपटने के उद्देश्य से अफ्रीका सीडीसी के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों में योगदान देने की अपनी तत्परता व्यक्त की। बयान में कहा गया, ‘‘अफ्रीकी नेताओं और हितधारकों की पूर्ण भागीदारी और सहभागिता सुनिश्चित करने के महत्व को पहचानते हुए, और महाद्वीप पर उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिखर सम्मेलन और संबंधित गतिविधियों के आयोजन के संबंध में भारत सरकार, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के बीच विचार-विमर्श किया गया।’’ विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘इन चर्चा के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को बाद में आयोजित करना उचित होगा।’’ भारत ने 2018 से अफ्रीका में 17 नए मिशन खोलकर अपनी राजनयिक उपस्थिति का विस्तार किया है, जिससे महाद्वीप में भारत के कुल मिशन की संख्या 46 हो गई है।

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