कांग्रेस नेतृत्व ने गुरुवार को पार्टी के महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में संगठन की स्थिति, बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। इसी दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संगठन की कमजोरी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने बैठक में कहा कि केवल मुद्दों की घोषणा कर देने से राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिन मुद्दों को बूथ स्तर तक ले जाने की बात की जा रही है, वहां पार्टी का संगठन आखिर है कहां? उनका कहना था कि जब कई जगहों पर बूथ स्तर का ढांचा ही मजबूत नहीं है, तो केवल घोषणाएं करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रियंका गांधी ने पार्टी नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि हर मुद्दे पर आंदोलन और प्रदर्शन करने की बजाय कांग्रेस को प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को एक समय में जनता से जुड़े एक या दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर फोकस करके लगातार काम करना चाहिए। उनके अनुसार, सीमित लेकिन प्रभावी मुद्दों पर केंद्रित अभियान जनता तक अधिक मजबूती से पहुंच सकते हैं और पार्टी की पकड़ मजबूत कर सकते हैं। बैठक के दौरान प्रियंका गांधी ने संकेत दिया कि आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी पर्याप्त नहीं होगी। इसके लिए मजबूत संगठन, सक्रिय कार्यकर्ता और बूथ स्तर तक पहुंच जरूरी है। उन्होंने पार्टी नेताओं को जमीनी स्तर पर काम बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठन विस्तार और कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उनके बयान को पार्टी के भीतर आत्ममंथन और संगठनात्मक सुधार की जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी का यह संदेश कांग्रेस नेतृत्व के लिए स्पष्ट संकेत है कि चुनावी सफलता के लिए मजबूत जमीनी संगठन सबसे बड़ी जरूरत है।
