पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय फैसलों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘विश्व बांग्ला व्यापार सम्मेलन’ (BGBS) पर बड़ा वित्तीय घोटाला होने का आरोप लगाया है। न्यूटाउन के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन के नाम पर हुए 635 करोड़ रुपये के खर्च की पूरी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार की सफलताओं के एक युग (12 वर्ष) पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित बैठक के दौरान पूर्व सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,”ममता बनर्जी ने विश्व बांग्ला व्यापार सम्मेलन के आयोजन के नाम पर इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को 635 करोड़ रुपये बांटे हैं। हर बार दावा किया गया कि देश-विदेश के उद्योगपति बंगाल में निवेश के लिए तैयार हैं, लेकिन हकीकत में जमीन पर कोई उद्योग नहीं आया और राज्य में औद्योगिक सूखा बना रहा। हम इसे ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे, इस पूरे मामले की जांच होगी।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने फलता के ‘पुष्पा’ प्रसंग का जिक्र करते हुए तंज कसा कि, “पुष्पा की हालत तो आप सब देख ही रहे हैं, कानून अपना काम करेगा और जांच होकर रहेगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वामपंथियों और तृणमूल के शासनकाल में गलत नीतियों के कारण राज्य आर्थिक और औद्योगिक रूप से काफी पिछड़ गया है। युवाओं को रोजगार देने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए वर्तमान भाजपा सरकार ‘त्रिमूर्ति’ (थ्री-वे) नीति पर काम करेगी। इसी के साथ उन्होंने राज्य में एक बार फिर टाटा (Tata) को वापस लाने का संकेत भी दिया। भूमि अधिग्रहण के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया कि उनकी सरकार जबरन किसी की जमीन नहीं छीनेगी। उन्होंने कहा:

कोई जबरदस्ती नहीं: उद्योगों, अस्पतालों या बुनियादी ढांचे के लिए कोई भी जमीन जबरन अधिगृहीत नहीं की जाएगी।

उचित मुआवजा: जब लोगों को जमीन की सही कीमत मिलेगी, तो वे खुद आगे आकर जमीन देंगे।

बदलाव का उदाहरण: हाल के दिनों में अस्पतालों, बीएसएफ (BSF) चौकियों और राष्ट्रीय राजमार्ग व रेलवे के विस्तार के लिए लोगों ने निर्धारित मूल्य पर खुद अपनी जमीनें सरकार को सौंपी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता सरकार के साथ है। राज्य का नया पूर्ण बजट आगामी 20 जून को पेश होने जा रहा है, जिससे बंगाल के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने बजट के संकेत देते हुए बताया कि इस बार ग्रामीण और सीमांत लोगों के विकास के लिए 125 दिनों की कार्य योजना’ (125 Days Work Scheme) लाई जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पश्चिम बंगाल के लिए 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 22 तारीख तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी कि सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को किस दिशा में ले जा रही है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य बंगाल को ‘आत्मनिर्भर पश्चिम बंगाल’ बनाना और खैरात बांटने की संस्कृति से बाहर निकालना है।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *