पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार (22 जून 2026) को बजट का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों की महंगाई भत्ते (DA) में 20 परसेंट बढ़ोतरी का फैसला लिया है. यह ऐलान राज्य के फाइनेंस मिनिस्टर स्वपन दासगुप्ता ने शुभेंदु सरकार के पहले बजट प्रेजेंटेशन के दौरान किया. इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि नया DA 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. यह शुभेंदु अधिकारी सरकार का पहला बजट है, इसलिए इस बजट पर सभी की नजर थी. सरकार ने छात्राओं के लिए भी एक बड़ी घोषणा की है. राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देना और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देना है. रोजगार को लेकर भी पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों पर एक लाख लोगों की भर्ती करेगी. यह भर्ती कई सरकारी विभागों में की जाएगी ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें. सरकार ने महिलाओं को नौकरी में ज्यादा अवसर देने के लिए एक और अहम फैसला लिया है. सभी खाली पदों में से 33 प्रतिशत सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की जाएंगी. इसका मकसद सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है. इसके अलावा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस में भी बड़ी भर्ती की घोषणा की गई है. सरकार ने कहा है कि पुलिस विभाग में 20,000 नई नियुक्तियां की जाएंगी. इससे पुलिस बल को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 3000 रुपये की सहायता जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। सरकार ने आशा कर्मियों के मासिक मानदेय में 5000 रुपये की वृद्धि की घोषणा की है। वहीं सिविक वॉलंटियर, विलेज पुलिस, ग्रीन पुलिस और होमगार्ड के मानदेय में 2000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। राज्य परिवहन निगम के संविदा कंडक्टरों का वेतन बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। महिलाओं की सुविधा के लिए मुफ्त बस सेवा योजना को जारी रखते हुए सरकार ने 550 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि जल्द ही “पिंक कार्ड” शुरू किया जाएगा, जिसके जरिए महिलाएं राज्य परिवहन सेवाओं में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। बजट में गर्भवती महिलाओं के लिए 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता और छह पोषण किट देने की भी घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। बजट दस्तावेजों के अनुसार महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग को सबसे अधिक 52,308.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद विद्यालय शिक्षा विभाग को 44,148.21 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 24,753.72 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के लिए 7,168.60 करोड़ रुपये, जनस्वास्थ्य तकनीकी विभाग के लिए 12,935.33 करोड़ रुपये तथा नगर विकास एवं नगर पालिका मामलों के लिए 14,609.77 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल मिलाकर 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। कृषि विभाग को 8,655.84 करोड़ रुपये, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को 8,053 करोड़ रुपये तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) को 7,240.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा बिजली विभाग को 5,345.16 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग को 3,699.11 करोड़ रुपये और उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग को 3,266.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, लेकिन सरकार “विकसित बंगाल” के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बहाल करना और पारदर्शी शासन देना सरकार की प्रतिबद्धता है। पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 को कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर केंद्रित बजट माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के आर्थिक पुनर्निर्माण, रोजगार सृजन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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