पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के केओरताला श्मशान पर मुखर्जी की आग्रही प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और उद्योग मंत्री तपस रॉय भी मौजूद थे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के केओरताला श्मशान पर मुखर्जी की आवक्ष प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और उद्योग मंत्री तपस रॉय भी मौजूद थे। बाद में हाज़रा क्रॉसिंग पर उनके स्मरण में आयोजित रक्तदान शिविर में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पहली बार सूचना एवं संस्कृति विभाग और कोलकाता नगर निगम ने संयुक्त रूप से उनकी पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया। उन्होंने कहा कि 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाया गया, जो 1947 की उस घटना की याद में है जब अविभाजित बंगाल के पश्चिमी जिलों के विधायकों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चे के 34 साल के शासन और उसके बाद की सरकार ने डॉ. मुखर्जी और स्वामी प्राणबानंद जैसे व्यक्तित्वों के योगदान को जनता से छिपाए रखा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी की जेल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत्यु हुई और वह इसे ‘‘साजिशन हत्या’’ मानते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डॉ. मुखर्जी का प्रसिद्ध नारा-‘‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’’ ही उनकी मृत्यु का कारण बना। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को भारत में शामिल कराने में मुखर्जी की भूमिका के लिए बंगाल की जनता उनकी ऋणी है। अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्होंने अप्रैल 1947 में तारकेश्वर में आयोजित हिंदू महासम्मेलन में पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों के भारत में बने रहने के पक्ष में प्रस्ताव पारित कराया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर चलकर काम करेगी और राज्य के छात्रों को पश्चिम बंगाल के गठन के इतिहास से अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती पर छह जुलाई को उनकी 125 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमि पूजन किया जाएगा और उस दिन राज्य में अवकाश घोषित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हुगली जिले के जीरूट स्थित उनके पैतृक घर में स्मारक और पुस्तकालय बनाया जाएगा, जिसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।

By UJAGAR

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