मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार सुबह विधानसभा में खड़े होकर कहा था, ‘अगर काली को उठाया तो सब कुछ सामने आ जाएगा.’ मुख्यमंत्री के इस कड़े संदेश के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने काली को उठा लिया. तारातला त्रासदी को लेकर एक और गिरफ्तारी हो गयी है. इस बार पूर्व महापौर फिरहाद हकीम के पूर्व ओएसडी कालीचरण बनर्जी इस मामले में फंसे हैं. उन्हें पहले हिरासत में लिया गया. बाद में खबर आई कि पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. कालीचरण बनर्जी को फिरहाद हकीम का करीबी माना जाता है. जब फिरहाद मेयर थे, तब कालीचरण उनके पड़ोस में रहते थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद आरोप लगाया है, ‘काली की मंजूरी के बिना कोई योजना स्वीकृत नहीं होती.’ यानी, यह आरोप लगाया गया है कि तारातला भवन के निर्माण की योजना को मंजूरी दिलाने में कालीचरण की भूमिका थी. वहीं, मुख्यमंत्री की शिकायत के अनुसार, फिरहाद हकीम ने भवन की योजना के अनुमोदन पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने कालीचरण को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी. सूत्रों के अनुसार, उनसे पूछा गया कि भवन की योजना को मंजूरी क्यों दी गई. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. तारातला हादसे के संदर्भ में, शुभेंदु ने विधानसभा सत्र में एक दस्तावेज़ दिखाते हुए कहा- पूर्व महापौर इसमें शामिल हैं. माननीय फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर देखिए. देखिए कि संरचना में खामियां होने के बावजूद उन्होंने योजना को कैसे मंजूरी दी. मुख्यमंत्री के मुख से ‘काली’ का नाम निकला. उन्होंने कहा- काली को हटाकर सब कुछ किया जाएगा. अगर काली का नाम केएमसी में नहीं आता, तो कोई योजना नहीं बनती. काली को कैमक स्ट्रीट ने नियुक्त किया है. हालांकि कुणाल घोष का दावा है कि कैमक स्ट्रीट ने काली को हटाने की पहल की थी. कैमक स्ट्रीट उनका समर्थन नहीं करती. यह गलत है.
