भारत की सबसे अहम खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो को नया निदेशक मिल गया है. केंद्र सरकार ने 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को आईबी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है. महेश दीक्षित मौजूदा आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है. दीक्षित फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत है और एजेंसी के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी माने जाते हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि आईबी के नए बॉस महेश दीक्षित को इस पोस्ट पर कितनी सैलरी मिलेगी. आईबी के नए बॉस महेश दीक्षित 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. पुलिस सेवा में आने से पहले वह पेशे से डॉक्टर भी रह चुके हैं. लंबे समय से इंटेलिजेंस ब्यूरो में कार्यरत दीक्षित को आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद रोधी अभियानों और खुफिया ऑपरेशन का एक्सपीरियंस है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो और सहायक आसूचना ब्यूरो का नेतृत्व भी किया. जानकारी के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया समन्वय में उनकी बहुत बड़ी भागीदारी रही थी. इसके अलावा श्रीनगर में आयोजित जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक के दौरान भी उन्होंने सुरक्षा से जुड़े अहम दायित्व संभाले थे. पिछले साल एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करने में भी उनकी बहुत बड़ी भूमिका बताई जाती है. कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार महेश दीक्षित को आईबी डायरेक्टर के रूप में 2 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से शुरू होगा, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।. सरकार ने सेवा विस्तार के नियमों के तहत उन्हें इस पद पर कार्य करने की मंजूरी दी है. इंटेलिजेंस ब्यूरो देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी है. इसका मुख्य काम देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े खतरों पर नजर रखना, आतंकवाद, जासूसी, कट्टरपंथ, अलगाववाद और संवेदनशील सुरक्षा मामलों से जुड़ी जानकारी जुटाना होता है. आईबी अलग-अलग राज्यों की पुलिस केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा संबंधी इनपुट शेयर करती है. आईबी डायरेक्टर एजेंसी का सर्वोच्च अधिकारी होता है और देश के आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी फैसलों में उसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है. वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर को सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन मिलता है. जानकारी के अनुसार, इस पद पर तैनात अधिकारी की बेसिक सैलरी करीब 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह होती है. इसके अलावा उन्हें कई तरह के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती है, जिनमें हाउस रेंट, अलाउंस, ट्रैवल एलाउंस, सुरक्षा संबंधी विशेष सुविधाएं, सरकारी आवास, सरकारी वाहन और दूसरी ऑफिशियल सुविधाएं शामिल हैं. यह देश की सबसे संवेदनशील जिम्मेदारियां में से एक है, इसलिए इस पद के साथ कई विशेष प्रशासनिक और सुरक्षा सुविधा भी जुड़ी होती हैं. इसके अलावा आपको बता दें कि आठवें वेतन आयोग को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके लागू होने के बाद आईबी डायरेक्टर की सैलरी में भी बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में मौजूद 2.25 लाख रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 2.70 लाख रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है.
