स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने शुक्रवार को क्रोएशिया को 2-1 से हराया। अब पुर्तगाल का मुकाबला 2010 की चैंपियन स्पेन से 7 जुलाई को होगा। स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया। टीम ने 2010 के बाद पहली बार नॉकआउट मैच जीता है। एक अन्य मैच में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को हराकर लगातार चौथी बार टॉप-16 में जगह बनाई। टोरेंटो स्टेडियम में इवान पेरिशिच ने हाफ टाइम के बाद गोल कर क्रोएशिया को 1-0 से आगे कर दिया। 68वें मिनट में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनल्टी पर बराबरी का गोल दागा। फुल टाइम तक स्कोर 1-1 रहा। इंजरी टाइम में गोंसालो रामोस ने हेडर से गोल कर पुर्तगाल की जीत लगभग पक्की कर दी। आखिरी क्षणों में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल किया, लेकिन VAR रिव्यू के बाद मारियो पासालिच ऑफसाइड पाए गए और गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले से नाराज क्रोएशियाई प्रशंसकों ने मैदान पर बोतलें फेंकी और रेफरी के खिलाफ विरोध जताया। मैच का पहला हाफ गोल रहित रहा। पुर्तगाल का दबदबा रहा, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी। हाफ टाइम के बाद जोसिप स्टानिशिच के क्रॉस पर इवान पेरिशिच ने 53वें मिनट में गोल कर क्रोएशिया को 1-0 की बढ़त दिलाई। 68वें मिनट में पुर्तगाल को मिली पेनल्टी पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने स्कोर 1-1 कर दिया। यह वर्ल्ड कप नॉकआउट मुकाबलों में रोनाल्डो का पहला गोल है। वे इस स्टेज में गोल करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने 41 साल 147 दिन की एज में गोल दागा। उन्होंने अपने ही देश के पेपे के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। मैच एक्स्ट्रा टाइम में जाता दिख रहा था। लेकिन इंजरी टाइम में राफेल लियाओ के क्रॉस पर गोंकालो रामोस ने हेडर से पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी। स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर कब्जा बनाए रखा और टूर्नामेंट का अपना सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। टीम ने लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट रखी। ऑस्ट्रिया गोल पर एक भी शॉट नहीं लगा सका और गोलकीपर उनाई सिमोन को एक भी सेव नहीं करना पड़ा। पहले हाफ में शुरुआती सावधानी के बाद स्पेन ने हाइड्रेशन ब्रेक के बाद आक्रमण तेज किया। 36वें मिनट में मार्क कुकुरेला के पास पर मिकेल ओयारजाबाल ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह टूर्नामेंट में उनका तीसरा गोल था। दूसरे हाफ में स्पेन ने लगातार दबाव बनाए रखा। एलेक्स बैएना ने मूव बनाया और उनका पास पेड्रो पोरो तक पहुंचा। पोरो ने हेडर से गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल था। 89वें मिनट में कुकुरेला ने पास दिया, जिस पर ओयारजाबाल ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। 18 साल के स्टार विंगर लामिन यामाल ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा समय मैदान पर बिताया। उन्होंने स्पेन के 10 ऑन-टारगेट शॉट्स में से चार लगाए। 85वें मिनट में उनका शॉट ऑस्ट्रिया के डिफेंडर डेविड अलाबा ने गोललाइन पर रोक दिया। इसके कुछ देर बाद उन्हें मैदान से बाहर बुला लिया गया। स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा, ‘बड़ी टीमें जरूरत के समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। हमने शानदार मैच खेला और लगभग परफेक्शन के करीब पहुंचे। फिर भी हमें लगातार सुधार करना होगा, क्योंकि आगे हर मुकाबला कठिन होगा।’

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