कोलकाता में बुधवार (8 जुलाई, 2026) को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के यूथ विंग ने बारुईपुर में 11 साल की नाबालिग बच्ची के यौन उत्पीड़न और हत्या के विरोध में रैली निकाली, लेकिन रैली के दौरान टीएमसी और बीजेपी के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई. रैली के दौरान बंगाल में सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के समर्थकों के विरोध में चोर-चोर के नारे लगाए, उन पर अंडों से हमला किया और इसके बाद स्थिति हाथापाई तक भी पहुंच गई.  यह घटना तब हुई जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी यूथ विंग की विरोध रैली दक्षिणी कोलकाता के बालीगंज फारी इलाके से हाजरा मोड़ की तरफ बढ रही थी. इस दौरान उनके खिलाफ चोर-चोर के नारे लगने लगे और उन पर अंडे भी फेंके गए. हालांकि, जब टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प शुरू हुई, तब मौके पर मौजूद कोलकाता पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन जब समझाने-बुझाने से बात नहीं बनी, तब पुलिस ने घटनास्थल पर लाठीचार्ज कर दिया. हालांकि, रैली की शुरुआत में झड़प होने के बावजूद ममता बनर्जी की रैली नहीं रूकी और लगातार वो आगे बढ़ती गईं. बालीगंज फारी से शुरू हुई विरोध रैली तीन किलोमीटर लंबे रास्ते पर धीरे-धीरे बढ़ते हुए ममता बनर्जी के आवास के करीब हाजरा मोड़ पर खत्म हुई. वहीं, दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने रैली के दौरान हुए झड़प को लेकर कोलकाता पुलिस पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस भाजपा के एक भाग के तौर पर काम कर रही है. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘कोलकाता पुलिस राज्य के आम नागरिकों को सुरक्षा नहीं दे सकती है और हमारे कार्यक्रम में मुश्किलें बढ़ाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है.’ 

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